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कविता क्यों

भावनाओं के भंवर में, जब फँसा हो कोई, 'और' मौसम भी बेअसर होता है ।   सूझता नही, कुछ भी बस, नये शब्दों से सरोकार उसका होता है I   दो लाईन गर लिख भी दी कुछ और नहीं,   कविता का रूप ही होता है I