Skip to main content

Posts

Showing posts with the label पर लिखने की चाह

आंसूऔ में भी आस

  मेरी कविता थोड़ी, अधूरी सी होती है  पर लिखने की चाह, भावों में भरी सी होती है  । । मेरी कविता थोड़ी, .......    ना मुझे इंग्लिश पूरी आती और ना हिन्दी  ।   शब्दों की कुछ, कमी सी होती है  । मेरी कविता थोड़ी, अधूरी सी होती है    कुछ लोग पसंद करते है, कुछ मुह  बना  लेते है  । मेरी कविता में, कुछ कमी सी होती है  । । मेरी कविता थोड़ी, अधूरी सी होती है ।   माँ भी आयी थी, मेरी जिंदगी में, बस अपनी अहमियत, दिखाने को  । बची सारी उम्र, छोड़ गई मुझे रुलाने को  । । ममता की छाँव की, कुछ कमी सी होती है  । मेरी कविता थोड़ी, अधूरी सी होती है ।। बचपन से लेकर, बड़े होने तक कुछ तो, अधूरेपन का एहसास है  । फिर भी  जिंदगी में, कुछ तो खास है  । ।   जी हाँ  आंसूऔ में भी,   आस होती है    ।   मेरी कविता कुछ अधूरी सी होती है  । ।