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Showing posts from December, 2024

सफर यही है, मंज़िल यही

  अच्छा बनने की कोशिश में, हर दिन नया कदम बढ़ाता हूं, गलतियों से सबक लेकर, खुद को फिर से गढ़ पाता हूं। तमन्ना है बस इतनी दिल में, जहां भी जाऊं, असर छोड़ जाऊं, नरमी बनूं हर लफ़्ज़ में, और हर दिल में ख़ुशबू सा कुछ छोड़ जाऊं। राहें कभी मुश्किल होती हैं, पर मैं थक कर बैठ नहीं जाता, दूसरों के दर्द को समझकर, हर लम्हा बस प्रेम बरसाता। जब आप कहें — “तुम अच्छे हो”, तो दिल को राहत मिलती है, और जब कहें — “और बेहतर बनो”, तो आत्मा को हिम्मत मिलती है। यही है मेरा जीवन-सफर, यही मेरी असली मंज़िल है — अच्छाई का दीप जलाना, और दुनिया को थोड़ा और ख़ूबसूरत बनाना। Umakant