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पक्का धागा


पक्का धागा

बहन चाहे जितनी भी दूर हो,

 भाई को नहीं भूलती ।

भाई के मन में भी बहन हमेशा,

 हिलोरे लिये झूलती ।


बंधन है यह पक्के धागे का,

बहन बेटी मन के रागों का, 


कलाई अपने आप उठकर 

अपने माथे को चूमती ॥


बहन और बेटी को शत-शत नमन

हैप्पी रक्षा बंधन 

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