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कक्षा 10 से 11 की ओर बढ़ता हर कदम केवल अगली कक्षा में प्रवेश नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत होता है। प्रस्तुत कविता इसी महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का संदेश है। यह उन्हें याद दिलाती है कि कक्षा 11 और 12 केवल दो वर्ष नहीं, बल्कि पूरे भविष्य की नींव हैं।
कविता में मेहनत, अनुशासन, समय का सम्मान, धैर्य और निरंतर सीखने की भावना को सरल शब्दों में व्यक्त किया गया है। हर पंक्ति विद्यार्थियों को यह विश्वास दिलाती है कि कठिन प्रश्न और चुनौतियाँ उनके दुश्मन नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ियाँ हैं।
कक्षा दस है मोड़ ज़िंदगी का,
शुरुआत यहाँ से उड़ान की,
मेहनत का रस पी जो ले,
खुल जाएं राहें सम्मान की।
ग्यारह–बारह बस दो कदम हैं,
जो तय करें भविष्य की राह,
पढ़ना समझना गहराई से,
यही सफलता का है गवाह।
सवालों से मत डर बेटा,
हर प्रश्न है एक साथी तेरा,
जो हल करेगा धैर्य रख,
जीत लेगा संसार सारा।
समय को जो देता सम्मान,
वो पाता है ऊँचा स्थान,
जो ध्यान भटकाए मन का दीप,
उसे मिलता संघर्ष का दान।
इसलिए अभी से ठान ले दिल में,
"हर दिन कुछ बेहतर करना है",
ज्ञान की ज्योति जलाकर खुद में,
भविष्य अपना गढ़ना है।

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