कक्षा दस है मोड़ ज़िंदगी का,
शुरुआत यहाँ से उड़ान की,
मेहनत का रस पी जो ले,
खुल जाएं राहें सम्मान की।
ग्यारह–बारह बस दो कदम हैं,
जो तय करें भविष्य की राह,
पढ़ना समझना गहराई से,
यही सफलता का है गवाह।
सवालों से मत डर बेटा,
हर प्रश्न है एक साथी तेरा,
जो हल करेगा धैर्य रख,
जीत लेगा संसार सारा।
समय को जो देता सम्मान,
वो पाता है ऊँचा स्थान,
जो ध्यान भटकाए मन का दीप,
उसे मिलता संघर्ष का दान।
इसलिए अभी से ठान ले दिल में,
"हर दिन कुछ बेहतर करना है",
ज्ञान की ज्योति जलाकर खुद में,
भविष्य अपना गढ़ना है।
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