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Showing posts from 2023

रिश्ते ही जीवन का संगीत

 कुछ लोग कड़वी यादों को सीने में छुपाते हैं, बस रिश्तों को तोड़ने के बहाने बनाते हैं। कुछ लोग मीठी बातों से दिल को सजाते हैं, हर लम्हे को रिश्तों का पर्व बनाते हैं। रिश्ते ही तो जीवन का है संगीत  इन्हीं से हर धड़कन में है प्रीत। जो रिश्तों को शतरंज की बिसात मान लेते हैं, विश्वास को मोहरे की तरह चला जाते हैं, शतरंज में जीता जा सकता है, पर रिश्तों में अक्सर  दिल की बाज़ी हार जाते हैं।

आनंद

 तुम खुश हो अपनी किसी खुशी में,  ये साधारण सी बात  है आनंद की बात यह है कि आपकी खुशी में दूसरे लोग फूले ना समाएँ 

खुद से दूर

आदमी पास होकर भी, दूर हो जाता है दूर हो , पास होने के लिए तरसता है अजीब सी दुनिया है तेरी भगवन खुद ही खुद से दूर हो जाता है

बात बात पे

मैं तेरी बात पे, तू मेरी बात पे , और , बात एक ही है मैं कुछ कह रहा था, तू कुछ सुन रहा था, तू कुछ कह रहा था, मैं कुछ समझ रहा था। और फिर... हम दोनों इस मुगालते में थे, कि हम एक-दूसरे से लड़ रहे हैं, जबकि लड़ाई बस अहं से थी — बात तो अब भी वहीं की वहीं थी।

चार भाई तीन बहन

चार भाई, तीन बहन चारों दिश सत्संग  प्रेम पताका  लहरा रही  चौतरफा बरसे रंग  हे प्रभु ! बहती रहे जलधार  ना हो कोई अंत  खुशियां अनगिनत  उमड़े आनंद अनंत 10.03.2020

खजाना

जहां खोजने चला तू ख़ज़ाने को, घर छोड़ आया वह ख़ज़ाना तो ज़माने को। जिस ममता ने तुझको चलना सिखाया, तू छोड़ आया वही आँचल के तराने को। जो आंखें बरसों तेरी राह तकती रहीं, तू अकेला छोड़ आया उनके अफ़साने को। सांसों में उनकी अब तेरा ही नाम है, पर तू भुला बैठा उनकी उस दीवानेपन को। दौलत की चमक में वो सुकून न मिलेगा, जो छोड़ आया तू अपने पुराने ठिकाने को। 02.05.2020

कवि नवाब केसर

विरासते अलीगढ में जब खिला वो  गुलाब  हर शख्स ढूंढ रहा जटिल प्रश्नों के जवाब हृदय सरल हो तो जटिलता कहां  गौर से देखो जवाबों में हमारे नवाब भावों से भरी हो जिंदगी  तो हर दिल में बजे रवाब कवि हो या उसकी कविता  कहीं ना कहीं है हमारे केसर नवाब 01.07.2020

पिता की नम ऑखें

 क्या कहती है यह आंखें  क्या बोले यह मन  कुछ दिनों का पहरेदार हूं भाइयों  कर लो प्रेम मिलन याद रखेगी दुनिया, गर याद रखोगे तुम  मन से ही मन को समझ लो , शब्दों का करो दमन  जीवन है छोटा सा भैया, खुशियों की घड़ियां बटोर लो  इस कड़वी दुनिया में,  कुछ मीठे पल बिखर लो फोन करोगे मुझको तो, आशीष ही मिलेगा  लेकर कुछ जाना नही , सब तुम्हें ही मिलेगा  समझ समझ में कुछ नहीं बिना समझे ही दिल लगा ले  कुछ क्षण मुझको दे दो  थोड़ा मुझ में मन लगा ले  21.12.2017

सवाल और जवाब

 जिंदगी में सवाल भी देखें  और  जवाब भी देखें  ए मशक्कत भरी जिंदगी  जवानों की जगह इल्जामों के हमले हजार देखे जिंदगी नासूर बन जाती है सुना था हमने  हकीकत में बदलते सवाल और जवाब देखें

धुन

आज भी जिंदगी  तुम्हारे हाथ में है  कल भी थी और कल भी तुम्हारे हाथ में है परिभाषा तुम दोगे  जिंदगी तो को तो, अपनी धुन में चलना है

कश्मकश

  जिंदगी दो पडावों के  कश्मकश में  गुजराती चली गई   एक अभी उम्र नहीं और  दूसरी अब उम्र नहीं 26.12.2017 उमाकांत