विरासते अलीगढ में जब खिला वो गुलाब
हर शख्स ढूंढ रहा जटिल प्रश्नों के जवाब
हृदय सरल हो तो जटिलता कहां
गौर से देखो जवाबों में हमारे नवाब
भावों से भरी हो जिंदगी
तो हर दिल में बजे रवाब
कवि हो या उसकी कविता
कहीं ना कहीं है हमारे केसर नवाब
01.07.2020
कुछ अल्फ़ाज़ कागज़ पर उतरते हैं, कुछ रिश्तों में हमेशा के लिए बस जाते हैं। 👇 नीचे स्क्रॉल करें—हर पोस्ट एक नई कहानी, एक नई अनुभूति लेकर आपका इंतज़ार कर रही है। गीत • भजन • ग़ज़ल • कविताएँ • कहानियाँ
विरासते अलीगढ में जब खिला वो गुलाब
हर शख्स ढूंढ रहा जटिल प्रश्नों के जवाब
हृदय सरल हो तो जटिलता कहां
गौर से देखो जवाबों में हमारे नवाब
भावों से भरी हो जिंदगी
तो हर दिल में बजे रवाब
कवि हो या उसकी कविता
कहीं ना कहीं है हमारे केसर नवाब
01.07.2020
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