तुझ में राम मुझ में राम - एक भावपूर्ण राम भजन | आत्मा में बसे श्रीराम I Tujh Mein Ram Mujh Mein Ram – Hindi Ram Bhajan | Spiritual Hindi Poem
🌿 इस राम भजन के बारे में
"तुझ में राम, मुझ में राम" केवल एक भजन नहीं, बल्कि भारतीय अध्यात्म की उस भावना का सरल और मधुर स्वरूप है जो कहता है कि ईश्वर हर जीव में विद्यमान हैं।
यह रचना हमें याद दिलाती है कि जब हम अपने भीतर और दूसरों में श्रीराम के दिव्य स्वरूप को पहचानते हैं, तब भेदभाव समाप्त हो जाता है और प्रेम, करुणा, विश्वास तथा अपनापन जीवन का आधार बन जाते हैं। "राम-राम" केवल अभिवादन नहीं, बल्कि दो आत्माओं के मिलन का आध्यात्मिक संदेश बन जाता है।
सरल शब्दों और सहज भावों में लिखा गया यह भजन भक्ति, मानवता और आत्मिक एकता का संदेश देता है। यदि यह रचना आपके हृदय को स्पर्श करे तो इसे अपने परिवार और मित्रों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि श्रीराम का यह प्रेम-संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।
तुझ में राममुझ में राम
हम मिले तो बने
राम राम
मन की धड़कन, श्वास में राम,
हर इक क्षण का विश्वास है राम।
तेरी मुस्कान में झलके जो,
वही मेरा उल्लास है राम।
तेरे संग जो राह चलूँ,
हर पथ हो जाता धाम।
दूरी का फिर अर्थ कहाँ,
जब संग-संग हों श्रीराम।
नेत्र बंद कर जब सोचूँ,
भीतर गूंजे एक ही नाम।
तू भी वही, मैं भी वही,
सबमें बसते हैं राम।
तुझ में राम
मुझ में राम
हम मिले तो बने
राम-राम 🙏

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