तुझ में राम
मुझ में राम
हम मिले तो बने
राम राम
मन की धड़कन, श्वास में राम,
हर इक क्षण का विश्वास है राम।
तेरी मुस्कान में झलके जो,
वही मेरा उल्लास है राम।
तेरे संग जो राह चलूँ,
हर पथ हो जाता धाम।
दूरी का फिर अर्थ कहाँ,
जब संग-संग हों श्रीराम।
नेत्र बंद कर जब सोचूँ,
भीतर गूंजे एक ही नाम।
तू भी वही, मैं भी वही,
सबमें बसते हैं राम।
तुझ में राम
मुझ में राम
हम मिले तो बने
राम-राम 🙏
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