कारवाँ गुजर रहा है, और गुजर जायेगा प्रेम मगर परीभाषा बनकर यहां पूजा जाएगा।। भाभी मैया ओ भाभी माँ बांधो कोई ऐसी शमा रक्षा हो भ्रातृ प्रेम की, चौतरफा हो मनोरमा सरहद की दीवारों से हर देश परेशान है निश्च्छल प्रेम ही हथियार एसा तोडे सरहद, जोड़े मंदिर धाम है
कुछ अल्फ़ाज़ कागज़ पर उतरते हैं, कुछ रिश्तों में हमेशा के लिए बस जाते हैं। 👇 नीचे स्क्रॉल करें—हर पोस्ट एक नई कहानी, एक नई अनुभूति लेकर आपका इंतज़ार कर रही है। गीत • भजन • ग़ज़ल • कविताएँ • कहानियाँ