लगी लगन तो
लक्ष्य अलक्ष्य क्या,
लगून शुभ महुरत
का महत्व क्या।
जब जुड़े जग जीव
जीवात्म से,
तो कष्ट क्या
और
कटन्क क्या।
जब सच्ची राह पर
ध्यान हो गहरा,
तब शंका क्या,
और
संसार का बोझ क्या।
उठे मन में विश्वास,
हर बाधा अब दूर हो,
अधिकार की राह पर,
सपने हर पल साकार हो।
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