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खत मिला जब तेरा

खत मिला जब तेरा "सजनी", लिखने का मन हो गया

खुली आँखो ने देखा सपना,  मन कही मेरा खो गया

 

मन करता है, सब कुछ लिख दूँ

लिख दूँ आहट - करवट - लिख दूँ

पल पल की बेचैनी लिख दूँ

लिख दूँ चाहत, तरसट लिख दूँ

जब मैने पढ़ा तेरा प्रेम रागना,

अखियों से झरना बह गया

खुली आँखो ने देखा सपना,  मन कही मेरा खो गया

 खत मिला जब तेरा "सजनी", लिखने का मन हो गया


कैसे कटेंगी रातें “और” कैसे बीतें दिन,

तेरे खयालो में सजनी, काटे दिन गिन गिन

खत मिलते ही तेरा सजनी, होश हमारा खो गया

ओ सजनी तेरे प्यार में पागल, मैं दीवाना हो गया

खत मिला …

 

कब आई तू दिल में मेरे, कब धड़कन में समा गयी

दिन दहाड़े दिल में घुस कर, चैन चुराकर ले गयी


रपट लिखाउ किस थाने में, दिल चोरी रे हो गया

ओ सजनी तेरे प्यार में पागल मैं दीवाना हो गया

खत मिला …

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