शशि उमा और चंद्र रमा, जब चरों भाई मिल जाये ।
मन ही मन बाउजी,
को फुले ना समायें ॥
हमरे प्यारे
बाउजी, सबसे न्यारे बाउजी ।
हमारे अच्छे बाउजी, सबसे सच्चे बाउजी ॥
समय
बदला तो वो भी बदले, समय के साथ जाएँ ।
आधुनिक
ज़माने से भी, सामंजस्य बिठायें ॥
हमारे प्यारे बाऊजी ........
बहुओं को भी बेटी माना, पर्दा प्रथा हटाई ।
मात्र
रूप सँजोकरके, प्रीत की रीत जगाई ॥
हमारे प्यारे बाऊजी ........
उतर
दक्षिण पूरब पश्चिम, चार
दिशा चार भाई ।
चहुँ दिशा में फैली है, इस बगिया की परछाई ॥
हमारे प्यारे बाऊजी ........
कृष्णा
सरोज औ उषा भी, और भुआजी आजायें
इस
घर की खुशहाली में, चार चाँद लग जाए ॥
हमारे प्यारे बाऊजी ........
पूर्व जन्म के शुभ कर्मों से, ये आशीष है पाया ।
धन्य धन्य ओ बाउजी, धन्य आपकी माया ॥
हमारे प्यारे
बाऊजी .......
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