क्षण क्षण जीवन का है अनमोल।
घडी
घडी तू बातों को मत तोल ।।
जो
निकल गया मुँह से,
वो
वापस तो नहीं जायेगा।
तू
थोड़ा ठहर , ठण्ड रख ,
मत
पीटे ढोल।।
क्षण
क्षण जीवन …
ज्यादा
उलझेगा तू ,
तो
सुलझ नहीं पायेगा।
एक
एक घूँट मार ,
चाहे
कड़वा हो घोल।।
क्षण
क्षण जीवन …
कर
सकता है तो इतना कर,
जो
हर मन को भायेगा,
जिव्ह्या
को विराम दे,
फिर
थोड़ा मीठा बोल ।
क्षण
क्षण जीवन …
"परवाह
नहीं" एक मूल मंत्र है,
"कोई
बात नहीं " ये सफल यन्त्र है,
अपनाले
इसे, मतकर तू टालमटोल।
क्षण क्षण जीवन का है अनमोल।
घडी घडी तू बातों को मत तोल ।।
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